सोनौली महराजगंज
नेपाल में सोशल मीडिया प्रतिबंध को लेकर शुरू हुए विरोध प्रदर्शनों का असर लगातार बढ़ता जा रहा है। काठमांडू और पोखरा के बाद अब यह आंदोलन तराई क्षेत्र तक पहुंच चुका है। रूपनदेही जिला प्रशासन ने सोमवार को हालात पर नियंत्रण पाने के लिए भैरहवा और बुटवल शहरों में कर्फ्यू लागू कर दिया। इसके साथ ही भारत-नेपाल सीमा से जुड़े बेलहिया और महेशपुर भंसार कार्यालयों को बंद कर दिया गया है। इस फैसले से सीमा पार व्यापार और आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई है।
मुख्य जिला अधिकारी (सीडीओ) टोकराज पांडेय ने जानकारी देते हुए बताया कि कर्फ्यू सोमवार शाम 4 बजे से रात 10 बजे तक लागू रहेगा। आदेश धारा 6 (ए) 2028 के तहत जारी किया गया है। इस दौरान किसी भी प्रकार की सभा, जुलूस, नारेबाजी, प्रदर्शन, बैठक या भीड़-भाड़ पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
कर्फ्यू की सीमा तय
बुटवल क्षेत्र :
पूर्व – पेट्रोल पंप से धागा फैक्ट्री पुल तक
पश्चिम – बेलवास चौक तक
उत्तर – चिड़िया नदी तक
दक्षिण – मंगलपुर तक
भैरहवा क्षेत्र :
पूर्व – रोहिणी नदी पुल तक
पश्चिम – बेथरी ब्रिज तक
उत्तर – बुद्ध चौक तक
दक्षिण – मेथादिहावा तक
इसके अलावा बुटवल-बेलहिया सड़क खंड के दोनों ओर 100 मीटर क्षेत्र में भी कर्फ्यू प्रभावी रहेगा।
सीमा पार प्रभावित
बेलहिया और महेशपुर भंसार कार्यालयों के बंद होने से भारत-नेपाल के बीच मालवाहक ट्रकों और यात्री वाहनों की आवाजाही पर रोक लग गई है। इससे बड़ी संख्या में यात्री दोनों ओर फंसे हुए हैं। स्थानीय लोगों को रोजमर्रा की जरूरतों और व्यापारियों को माल ढुलाई में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
प्रशासन की सख्ती
प्रशासन का कहना है कि हालात पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है और कर्फ्यू का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। सुरक्षा बलों को चौकसी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। स्थानीय स्तर पर पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
आंदोलन का असर
नेपाल सरकार द्वारा फेसबुक, यूट्यूब और टिकटॉक जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर लगाए गए प्रतिबंध के बाद युवा सड़कों पर उतर आए हैं। प्रदर्शनकारी सरकार के इस फैसले को अभिव्यक्ति की आज़ादी पर हमला बता रहे हैं। राजधानी काठमांडू, पोखरा और अब रूपनदेही में हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं।
प्रशासन का कहना है कि स्थिति सामान्य होने और सुरक्षा का माहौल बनने तक कर्फ्यू और सीमा बंदी जारी रहेगी।
यह कदम नेपाल के दक्षिणी इलाके में बढ़ते जनाक्रोश को दर्शाता है, साथ ही भारत-नेपाल सीमा व्यापार पर भी इसका सीधा असर पड़ रहा है।








