सोनौली महराजगज
सोनौली। इंडो-नेपाल सीमा पर मानव तस्करी की रोकथाम को लेकर बुधवार दोपहर भगवानपुर गांव में जागरूकता कार्यशाला आयोजित की गई। इस कार्यक्रम का आयोजन एक स्वयंसेवी संस्था द्वारा किया गया, जिसमें सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) 22वीं वाहिनी के जवानों को मानव तस्करी के तौर-तरीकों, रोकथाम के उपायों और पीड़ितों की पहचान संबंधी महत्वपूर्ण प्रशिक्षण दिया गया।
वक्ताओं ने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में मानव तस्करी एक गंभीर समस्या है, जिसे रोकने के लिए स्थानीय नागरिकों, सुरक्षा एजेंसियों और सामाजिक संगठनों के बीच मजबूत समन्वय आवश्यक है। संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ाने, संदिग्ध व्यक्तियों व गतिविधियों की तुरंत सूचना देने और लगातार जागरूकता कार्यक्रम संचालित करने पर भी जोर दिया गया।
कार्यशाला में उत्कर्ष श्रीवास्तव, पुरु मयंक त्रिपाठी, प्रांशु जॉर्ज सहित संस्था के कई पदाधिकारी एवं एसएसबी जवान उपस्थित रहे। प्रतिभागियों ने मानव तस्करी की रोकथाम के प्रति जागरूक रहने और समाज में व्यापक स्तर पर संदेश प्रसारित करने का संकल्प लिया।







