सोनौली, महराजगंज।
भारत–नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा क्षेत्र सोनौली में मकर संक्रांति के पावन पर्व पर मोबाइल नेटवर्क ने लोगों को भारी निराशा दी। 4G और 5G जैसी हाई-स्पीड सेवाओं के दावे पूरी तरह खोखले साबित हुए। हालात ऐसे रहे कि मोबाइल पर 1 KB की फाइल तक नहीं खुल पाई।
त्योहार के दिन लोग अपनों को शुभकामनाएं भेजने, ऑनलाइन भुगतान करने और जरूरी कॉल करने के लिए जूझते नजर आए। नेटवर्क बार-बार गायब होता रहा, इंटरनेट की स्पीड शून्य के बराबर रही। खासकर सीमा क्षेत्र में रहने वाले लोगों और व्यापारियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि त्योहारों और विशेष अवसरों पर नेटवर्क समस्या आम हो गई है, लेकिन जिम्मेदार विभाग और कंपनियां कोई ठोस समाधान नहीं कर पा रही हैं। डिजिटल इंडिया के दौर में इस तरह की लापरवाही सवाल खड़े करती है।
अब देखना यह होगा कि क्या संबंधित कंपनियां और प्रशासन इस गंभीर समस्या पर ध्यान देंगे या अगला त्योहार भी लोग नेटवर्क की बाट ही जोहते रहेंगे।







