सोनौली/महाराजगंज।
नगर पालिका सोनौली के शुकरौली स्थित जामिया निजामिया में जश्न ए दस्तार बंदी के अवसर पर एक दिवसीय निजामी कॉन्फ्रेंस का भव्य आयोजन किया गया कार्यक्रम का शुभारंभ कुरआन की तिलावत से क़ारी मुहसीनीन बकाई ने किया। कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए देश और समाज की उन्नति पर भी अपने विचार व्यक्त किए ।
विश्व विख्यात धर्म गुरु अल्लामा सुफी हबीबुर्रहमान रजवी सज्जादा नशीन दरगाह हज़रत सूफी निजामुद्दीन अगया शरीफ के संरक्षण में आयोजित कॉन्फ्रेंस में मुख्य वक्ता के रूप में मौलाना सैफुल्लाह अलीमी कोलकाता धार्मिक ग्रंथ कुरआन पाक की शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि कुरआन व हदीस का ज्ञानी अल्लाह उसी को बनाता है जो उसकी दृष्टि में महत्वपूर्ण व्यक्ति होता है।
कुरआन व हदीस की शिक्षा प्राप्त कर आलिम एवं हफिज़ ए कुरआन की उपाधि हासिल करने वाले छात्रों के माता पिता भी बहुत खुशनसीब हैं कि आज उनके पुत्रों ने कुरआन एवं हदीस की शिक्षा ग्रहण कर अपने साथ ही अपने परिवार और रिश्तेदारों को अल्लाह से निकटता हासिल करने में सफ़लता प्राप्त की। मौलाना ने समाज को शिक्षित बनाने हेतु मात पिता को अल्लाह के नबी मोहम्मद (सल्लाह अलैहि वसल्लम)का संदेश भी सुनाया।
मुफ्ती खुर्शीद आलम मिस्बाही ने सूफ़ी संतों के जीवनी पर प्रकाश डालने के साथ ही इस्लाम धर्म की शिक्षा के महत्व पर तकरीर करते हुए कहा कि मुस्लिम समाज को शिक्षा की मुख्यधारा से जुड़ने के लिए आगे आना चाहिए। मौलाना ने यह भी कहा कि इस्लाम धर्म की शिक्षा ग्रहण कर हमारे बच्चे एक नेक दिल इंसान के साथ ही श्रीष्टाचारी भी होते हैं क्यों कि इस्लाम धर्म सामाजिक भाई चारे, एकता और मोहब्बत का संदेश देता है।
अल्लामा सुफी हबीबुर्रहमान रजवी ने कहा कि कुछ सांप्रदायिक मानसिकता के लोग हैं जो इस्लाम धर्म और कुरआन के संदेशों की गलत और भ्रमित करने वाली व्याख्या करके
मुसलमानों और इस्लाम धर्म को बदनाम करने का कूटरचित कृत्य करते हैं ऐसे में कुरआन की शिक्षा प्राप्त कर उसके संदेश को जन जन तक पहुंचाने की आवश्यकता है तभी इस्लाम धर्म के विरुद्ध फैलाई जा रही भ्रांतियों को दूर किया जा सकता है इस लिए मुसलमान अपने बच्चों को कुरआन की शिक्षा अवश्य दिलाएं।
मौलाना शमसुल हक निजामी प्रिंसिपल जामिया ने कार्यक्रम के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि मदरसा के 30 छात्रों को आलिम एवं हाफिज़ की उपाधि देकर दस्तार बांधी गई है।
कार्यक्रम के सफ़ल आयोजन में मदरसा प्रबंध समिति के साथ ही अध्यापकों आदि मदरसा कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। कार्यक्रम में नात ख्वां अमीर हम्ज़ा खलीलाबादी, सद्दाम हुसैन निजामी ने अपनी नात से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। आलिम एवं हफिज़ ए कुरआन की उपाधि हासिल करने वाले छात्रों के माता पिता और रिश्तेदारों तथा दोस्तों ने माल्यार्पण कर खुशियां मनाई। सलात व सलाम के बाद अंत में मौलाना सुफी हबीबुर्रहमान रजवी ने देश की शान्ति और सद्भाव के लिए प्रार्थना की।
इस अवसर पर साहिन खातून नरगिस खातून तवसुम खातून जीनत खातून साहिना खातून आफरीन खातून मारिया खातून जिनमे 30 सारी बच्चों को दस्तार बन्दी हुई









